"इतिहास कोई संयोग नहीं है। यह मनुष्यों के लालच, भय, और कल्पनाओं का बुना हुआ वह जाल है जिसमें हम सब फंसे हैं — और जिसे हम स्वयं ही बुनते रहते हैं।"
प्रस्तावना: तीन कहानियाँ, एक आग
जब हम आज मध्य-पूर्व की ओर देखते हैं — जलते हुए शहर, गिरते हुए बम, और बातचीत की मेज़ पर टूटते हुए समझौते — तो हम अक्सर यह सोचते हैं कि यह सब "अचानक" हुआ। लेकिन मानव जाती की सबसे बड़ी कमज़ोरी यही है: वह वर्तमान को देखता है और अतीत को भूल जाता है।